भुवनेश्वर (ओडिशा ताजा न्यूज ) :- आईसीएआर- केन्द्रीय मीठाजल जीवपालन अनुसंधान संस्थान (आईसीएआर-सीफा), भुवनेश्वर, ओडिशा ने गुरुवार को मत्स्य ज्ञान उत्सव 2026 का आयोजन किया, जिसमें भुवनेश्वर, पुरी और आसपास के क्षेत्रों के 12 से अधिक स्कूलों और महाविद्यालयों से 1,000 से अधिक छात्रों तथा 55 शिक्षकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम का उद्घाटन डॉ. जे. के. जेना, उप महानिदेशक (मत्स्य विज्ञान एवं कृषि शिक्षा), आईसीएआर, नई दिल्ली द्वारा किया गया । अपने उद्घाटन भाषण में डॉ. जेना ने छात्रों को खाद्य एवं पोषण सुरक्षा सुनिश्चित करने में मत्स्य पालन और जलकृषि के महत्व पर प्रकाश डालते हुए प्रेरित किया ।

उन्होंने जलकृषि में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी की प्रगति, वर्तमान मत्स्य उत्पादन को आकार देने वाले नवाचारों तथा भविष्य की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए सतत और विज्ञान-आधारित दृष्टिकोण की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने छात्रों को वैज्ञानिक जिज्ञासा विकसित करने और मत्स्य एवं संबद्ध विज्ञानों में अवसरों का अन्वेषण करने के लिए भी प्रेरित किया। डॉ. पी. के. साहु, निदेशक, आईसीएआर-सीफा ने कहा कि मत्स्य ज्ञान उत्सव एक सार्थक पहल है, जिसका उद्देश्य युवा मस्तिष्कों में जिज्ञासा जागृत करना और उन्हें जलकृषि के गतिशील क्षेत्र से जोड़ना है।
उन्होंने जोर दिया कि इस प्रकार के अनुभव न केवल छात्रों की वैज्ञानिक समझ को गहरा करेंगे, बल्कि उन्हें मत्स्य पालन, जैव प्रौद्योगिकी और पर्यावरणीय स्थिरता में भविष्य के करियर के लिए प्रेरित करेंगे। यह कार्यक्रम आईसीएआर-सीफा की प्रमुख विज्ञान प्रसार एवं सामुदायिक सहभागिता पहल के अंतर्गत आयोजित किया गया, जिसका उद्देश्य स्कूल एवं महाविद्यालय के छात्रों को मीठाजल कृषि की दुनिया से परिचित कराना तथा खाद्य सुरक्षा, आजीविका सृजन और पर्यावरणीय स्थिरता में इसकी भूमिका को समझाना है।

संस्थान के कौशल्यगंगा परिसर में आयोजित इस दिवसीय कार्यक्रम में प्रदर्शनी, जीवंत प्रदर्शन तथा छात्रों के लिए विशेष रूप से तैयार की गई इंटरैक्टिव वैज्ञानिक गतिविधियों का आकर्षक समावेश रहा। यह पहल राष्ट्रीय मत्स्य विकास बोर्ड (NFDB), हैदराबाद के सहयोग से आयोजित की गई। छात्रों ने दिनभर सुव्यवस्थित समूहों में कार्यक्रम में भाग लिया, जिसमें जीवंत मछली हार्वेस्ट प्रदर्शन, जलीय कृषि पर आधारित वृत्तचित्रों का प्रदर्शन, विभिन्न मछली प्रजातियों की प्रदर्शनी, ड्रोन प्रदर्शन तथा कई रोचक शिक्षण गतिविधियाँ शामिल थीं।
कार्यक्रम का एक प्रमुख आकर्षण 25 एक्वेरियम की प्रदर्शनी रही, जिसमें मीठे जल की मछलियों की समृद्ध जैव विविधता प्रदर्शित की गई। इसके अतिरिक्त, छात्रों ने आईसीएआर-सीफा के वैज्ञानिकों के मार्गदर्शन में व्यावहारिक सत्रों में भाग लिया, जहाँ उन्होंने जल गुणवत्ता परीक्षण, मछली आहार निर्माण, मोती पालन और मछली स्वास्थ्य प्रबंधन के बारे में सीखा गया । इन गतिविधियों ने उन्हें वैज्ञानिक उपकरणों के साथ सीधे कार्य करने और जलकृषि के व्यावहारिक पहलुओं की समझ विकसित करने का अवसर प्रदान किया ।

कार्यक्रम का समापन छात्रों और शिक्षकों से प्राप्त अत्यंत सकारात्मक प्रतिक्रिया के साथ हुआ । उन्होंने वैज्ञानिकों और शोध विशेषज्ञों से सीधे संवाद करने तथा कक्षा के बाहर विज्ञान के वास्तविक अनुप्रयोगों को समझने के अवसर की सराहना की। मत्स्य ज्ञान उत्सव 2026 के माध्यम से आईसीएआर-सीफा ने युवा पीढ़ी में वैज्ञानिक जागरूकता बढ़ाने और जलीय कृषि एवं संबद्ध विज्ञानों में भविष्य की प्रतिभाओं को प्रेरित करने के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को पुनः स्थापित किया ।













