
भुवनेश्वर (ओडिशा ताजा न्यूज़ ) सितंबर :- पर्यटन मंत्रालय, भारत सरकार के अधीन स्वायत्तशासी संस्थान — होटल प्रबंधन, खानपान प्रौद्योगिकी तथा अनुप्रयुक्त पोषाहार संस्थान (आईएचएम), भुवनेश्वर ने हिंदी पखवाड़ा-2026 का भव्य समापन समारोह एवं कवि सम्मेलन “हास्य सुरभि 2.0” का आयोजन आज मुख्य सभागार में सफलतापूर्वक संपन्न किया । समारोह की शुरुआत दीप प्रज्वलन एवं सरस्वती वंदना से हुई। मुख्य अतिथि श्री सरदार सिंह चौहान, उपायुक्त, केंद्रीय विद्यालय संगठन, भुवनेश्वर रहे।

सम्मानित अतिथि श्री नरसिंह जेठी, उपमहा निर्देशक (अभि), दूरदर्शन केंद्र, भुवनेश्वर तथा विशेष अतिथि डॉ. देबकांत समल, रजिस्ट्रार, भौतिकी संस्थान, भुवनेश्वर एवं संस्थान की प्राचार्य श्रीमती शारदा घोष ने कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई । इस अवसर पर राजभाषा कर्मवीर सम्मान समारोह का आयोजन भी किया गया, जिसमें शिक्षा क्षेत्र में श्री धनंजय प्रसाद शर्मा (प्रधानाचार्य, केंद्रीय विद्यालय-2, भुवनेश्वर),
हिंदी साहित्य एवं पुस्तकालय क्षेत्र में श्री विक्रमादित्य सिंह तथा पत्रकारिता क्षेत्र में श्री सुधाकर कुमार शाही को सम्मानित किया गया। उत्कृष्ट राजभाषा कार्य हेतु कर्मचारियों एवं विद्यार्थी प्रतियोगिताओं के विजेताओं को भी प्रमाणपत्र एवं स्मृति चिह्न प्रदान किए गए । कवि सम्मेलन “हास्य सुरभि 2.0” में कवि अनूप अग्रवाल, राजेश चतुर्वेदी, कवयित्री इतिश्री सिंह राठौर, कवि श्री संतोष दास तथा मंच संचालक कवि आशीष विद्यार्थी ने हास्य एवं व्यंग्य की बौछार कर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया ।

आईएचएम भुवनेश्वर: आतिथ्य शिक्षा एवं राष्ट्र निर्माण में पांच दशकों का गौरवशाली योगदान वर्ष 1973 में “फूड क्राफ्ट इंस्टीट्यूट” के रूप में स्थापित यह संस्थान 1981 में राज्य होटल प्रबंधन संस्थान बना तथा 1984 में भारत सरकार द्वारा राष्ट्रीय स्तर पर उन्नयन कर “होटल प्रबंधन, खानपान प्रौद्योगिकी तथा अनुप्रयुक्त पोषाहार संस्थान” का दर्जा प्राप्त किया । आज यह देश के दस प्राचीनतम केंद्रीय आईएचएम संस्थानों में से एक है तथा एकमात्र ऐसा संस्थान है जिसके पास इनक्यूबेशन सेंटर है ।
पिछले पांच दशकों में संस्थान ने 10,000 से अधिक योग्य पेशेवर तैयार कर वैश्विक होटल उद्योग में स्थापित किए हैं । इसके पूर्व छात्र देश-विदेश के प्रतिष्ठित होटल श्रृंखलाओं (ताज, ओबेरॉय, आईटीसी, हयात आदि) में कार्यरत हैं । उल्लेखनीय है कि मेजर पद्मपाणि आचार्य, महावीर चक्र विजेता भी इसी संस्थान के पूर्व छात्र हैं तथा देश के एक-तिहाई से अधिक केंद्रीय आईएचएम संस्थानों के प्रमुख भी यहीं के अलुमनाई हैं ।

संस्थान ओडिशा सरकार के मिशन शक्ति, ओडिशा लाइवलीहुड मिशन, ओडिशा मिलेट मिशन तथा वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग (इको-टूरिज्म) का प्रमुख प्रशिक्षण साझेदार है। हुनर से रोजगार योजना के अंतर्गत कौशल विकास कार्यक्रमों के माध्यम से युवाओं को रोजगारोन्मुख प्रशिक्षण प्रदान कर सामाजिक उत्थान में सक्रिय भूमिका निभा रहा है ।
राजभाषा कार्यान्वयन में भी संस्थान अग्रणी है। नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति द्वारा वर्ष 2025 में सर्वश्रेष्ठ कार्यान्वयन हेतु प्रथम पुरस्कार से सम्मानित किया गया । रीडर्स क्लब एवं राजभाषा क्लब की स्थापना कर साहित्यिक गतिविधियों को प्रोत्साहित किया जा रहा है । प्राचार्य श्रीमती शारदा घोष के नेतृत्व में संस्थान आतिथ्य शिक्षा, कौशल विकास, राजभाषा प्रचार-प्रसार तथा राष्ट्रीय पर्यटन लक्ष्यों की पूर्ति में निरंतर योगदान दे रहा है ।














